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Rani padmavati - a legendary beauty "Everybody is well aware of the glorious history of Rajasthan. To craft this glorious history, many of the great heroes dedicated themselves to the soil of Rajasthan. Rajasthan is considered as the birthplace of heroic warriors. In the soil of Rajasthan, the excitement of sacrifice, courage, valour and patriotism arises. The importance of Rajputana in the history of Rajasthan is as much as the foundation of a house. For this reason, Rajasthan was known in ancient times as Rajputana. From time to time, such great Rajput rulers have been born in Rajasthan who has sacrificed their lives to protect their patriotism, valour, self-respect and Hindutva. In the history, there are many great personalities whose name is venerable, which glorify the glorious history of Rajasthan with the main name, Maharana Kumbha, Maharana Pratap, Prithviraj Chauhan, Pannadhay, Jaimal- Fatta, Gaura-Badal, Rani Padmini, Maharana Sanga, etc. Rani Padmavati wife of Maharaja Ratan Singh of Mewar principality. The discussion of the beauty of Rani Padmavati was famous in all over the world. There is a famous mention related to maharani Padmavati in the pages of history. In this context, it is said that how Rani Padmavati performs johar by sacrificing her life by jumping into the fire and with the other 16,000 queens to save the glorious history of Hindutva and Rajputana instead of self-surrender to Mughal ruler Allauddin Khilji. Maharani Padmavati story is written by poet Malik Muhammad Jaisi in the form of Padmavati in Awadh Language. However, some historians have denied history related to Rani Padmavati."
पृथ्वीराज चौहान - part २
पृथ्वीराज चौहान - part 1
जयमल राठौड़ व कल्लाजी राठौड़ - 24 वर्ष के कल्ला जी ने अपने 60 वर्ष के काका जयमल जी को अपने कन्धों पर बिठाया जिनमे 12 हाथियों जितना बल था ।और दोनों ने 2-2 तलवारों से युद्ध किया | एेसा लग रहा था मानो चारभुजा जी स्वयं युद्धभूमि में अवतरित हुए | इसीलिए कल्ला राठौड़ को 2 सिर व 4 हाथ वाले लोकदेवता भी कहा जाता है | जयमल राठौड़ व कल्ला राठौड़ वीरगति को प्राप्त हुए | शूरवीर श्री कल्लाजी राठौड़ युद्ध भूमि में शिश कट जाने के बाद भी इन वीर पुरुष का धड़ चित्तौड़गढ़ में मुगलो से लड़ता रहा । संवत १६२४में सन् १५६८ अकबर ने चित्तौड़गढ़ पर हमला कर दिया था तब श्री कल्लाजी राठौड़ और उनके काका सा श्री जयमल मेड़तीया ने मातृभूमि की रक्षा हेतु अंतिम सांस तक मुगलो से लड़ते रहै जयमलजी को अकबर ने धोखे से रात को युद्ध विराम के समय गोली उस समय मार दी थी जब वे किले कि दीवार का मरम्मत करा रहै थे जो उनके पाँव में लगी थी ।घायल होने के बाद भी जयमलजी ने कल्ला राठौड़ के कंधे पर बैठकर दोनों हाथों में तलवार लेकर मुगलो से भयंकर युद्ध किया । एक तरफ अकबर के हजारों सैनिक दूसरी तरफ राजपूतो के वीर योद्धा और उनके वीर सैनिक एक एक योद्धा सौ सौ सैनिकों पर भारी पड़ रहे थे । अकबर ने अपनी सैनिकों को हारता देख बडा धोखा किया उसने गौमाता का रक्त बिछवा दिया ताकि सच्चा हिन्दू इसे नहीं उलाँघे और मारा जावे । कल्लाजी ने युद्ध भूमि में शहीद हो जाना मंजूर कर लिया किन्तु गौमाता के रक्त को नहीं उलाँघा । खूब भयंकर युद्ध हुआ क्ई राजपूत योद्धा शहीद हो गई । तब किले में स्थित माता बहनों बेटियों ने परिस्थितियों को भापकर जौहर कर लिया ।जौहर कि आग की लपेटे दूर दूर तक दिखाई दे रही थी । कल्लाजी ने स्वयं अपना शिश काटकर माँ जगदम्बाँ के चरणों में भेंट कर दिया ।माताजी के आशीर्वाद से कल्लाजी का धड़ पुनः युद्ध भूमि में आकर युद्ध करने लगा ।बिना मुण्ड के योद्धा जिनके दोनों हाथो में तलवार थी उन्हें देखकर मुगल सैना में हाहाकार मच गया मुगल सैनिकों का कल्लाजी ने सफाया कर दिया बिना मुण्ड के उनका धड़ लड़ता रहा उनको रोकने कि हिम्मत किसी सैनिक में नहीं थी ।लड़ते लड़ते कल्लाजी का धड़ घोडे पर बैठकर अपनी रानी कृष्णा के पास जाता है । जहाँ माता उनका इंतज़ार कर रही थी ।मान्यता है कि कल्ला जी का धड़ लड़ते हुए सलूम्बर के पास रुन्देला गाँव मे उनकी पत्नी कृष्णकान्ता के पास पहुंचा, जहाँ उनकी पत्नी कृष्णा ने अपने हाथो से अपने अंग के 24 टुकड़े करके वे सती हो गईं | चित्तौड़ में जयमल राठौड़ व कल्ला राठौड़ की छतरियां बनी हुई हैं | कल्ला राठौड़ की छतरी 4 खम्भों की है
Kshatriya.... the legends #mrbannamrsbaisa
Happy navratri...🙏🏻
प्रेरणा सिंह खिंची को भारतीय सेना मे पदोन्नत होकर मेजर बनने पर हार्दिक बधाई । एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामनाए ।। #baisa #indianarmy #armymajor #jairajputana #rajput #proud #salute #jaihind
Jai Rajputana 🚩
Royal click...📷
मुंबई की रिंटू कुँवर राठौड़, चॉकलेट के गणेशजी बनाती हैं, फिर उनका विसर्जन दूध में करती हैं, औ‌र उस दूध को प्रसाद के रूप में गरीब बच्चों को बाँटती हैं। सलाम है ऐसी इंसानियत और रचनात्मकता को । 🚩jai Rajputana #mrbannamrsbaisa
Rajputana click...📷
Haapy ganesh chaturthi...😍
Ganpati bappa... maurya 😍 ।। *श्री गणेशाय नम:*।। *गणेश चतुर्थी महापर्व की आपको हार्दिक शुभकामनाऐ।*🙏🏻
Royal capture...📷